Tuesday, July 10, 2012

मैंने यह ब्लॉग आज दिनांक १० जुलाई २०१२ को इस उम्मीद से शुरू किया है की भारत में स्वम्भू देशभक्तों का तो ढेर है पैर ऐसे लोगों की बहुत कमी है जो अपने जीवन में हमारे देश भारत को सबसे उपर रखते है. आइये मेरे इस प्रयास में मेरा साथ दीजिए और - " LET US THINK INDIA FIRST"
हम हर काम, हर विरोध, हर सहयोग से पहले सोचें की हमारे इस कृत्य का प्रभाव हमारे देश पर POSITIVE पढ़ेगा या NEGATIVE .

यदि आप ने पस्सेंजर ट्रेन का सफर किया है तो आपने देखा होगा की ट्रेन की खिडकी से लकड़ी के बंडल लाद कर गरीब गांव वाले शहर में बेचने को लाते हैं.
प्रश्न क्या हमें उस गरीब गांव वाले की मदद में वन काटने में साथ देना चाहिए या विरोध करना चाहिए
अगर हम नेता हैं तो साथ देंगे वोट के लिए.
अगर वोह हमारे समाज का है तो हम साथ देंगे
अगर दुसरे दल या समाज का है तोह ही हम उसका विरोध करेंगे
क्या हम ने कभी सोचा है की वन को काटना देशभक्ति है या देशद्रोह और इसका हमारे देश भारत पर क्या असर पड़ेगा .

इसीलियें सोचिए  INDIA FIRST.